अयोध्या : पिछले 30 सालों से राम मंदिर निर्माण की कार्यशालाएं चल रही हैं

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रिपोर्ट: सर्वेश श्रीवास्तव

अयोध्या। आइए बताते हैं राम मंदिर में पत्थर बिछाने को लेकर 30 साल से लगातार चल रही कार्यशाला का गौरवशाली इतिहास। कारसेवक पुरम से हेके की दूरी पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की कार्यशाला है। इस स्थान पर पिछले 30 वर्षों से राम मंदिर के निर्माण के लिए उपयोग किए गए पत्थरों की नक्काशी की जा रही है। कार्यशाला की स्थापना सितंबर 1990 में विश्व हिंदू परिषद के परमहंस रामचंद्र दास, महंत नृत्य गोपाल दास, अशोक सिंघल के मार्गदर्शन में हुई थी।

वहीं यह कार्यशाला राम मंदिर निर्माण की तैयारी का प्रमुख केंद्र बन गई है। वहां मौजूद लोग भी कार्यशाला में आते ही भक्तों से कहते हैं कि ऐसा पत्थर राम के मंदिर में रखा जाएगा.

हालांकि विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का नाम पंजाब कार्य सेवा के नाम पर रखा गया था। वर्कशॉप और कार वर्कर पुरम शब्द का नाम इसी शब्द से पड़ा है। कार्यशाला 1990 में बंद नहीं हुई थी जब अयोध्या में पहली कामकाजी सेवा को निकाल दिया गया था। इसके अलावा हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु राम मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। कार्यशाला में 1990 से पत्थरों को उकेरा गया है।

पता करें कि कार्यशाला कहाँ है
कार्यशाला कारसेवक पुरम के पास राम की पायड़ी से लगभग 2 किमी दूर है।

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